Manipur Rashtrapati Shasan: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू! गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में खोले बड़े राज

Manipur Rashtrapati Shasan: शुक्रवार सुबह 4 बजे राज्यसभा में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को मंजूरी देने वाला संवैधानिक प्रस्ताव पास किया गया। इससे पहले यह प्रस्ताव लोकसभा में भी पास हो चुका था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रस्ताव को सदन में पेश किया जिसे ध्वनि मत से पारित किया गया।
गृह मंत्री अमित शाह का बयान
अमित शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार इस प्रस्ताव को दो महीने के अंदर संसद में लाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता मणिपुर में शांति स्थापित करना है और पिछले चार महीनों में वहां एक भी मौत नहीं हुई है। हालांकि अब तक 260 लोगों की मौत हो चुकी है।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन क्यों लगाया गया?
अमित शाह ने बताया कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्यपाल ने विधायकों से चर्चा की लेकिन कोई भी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं था। इसके चलते कैबिनेट ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की जिसे स्वीकार कर लिया गया।
मणिपुर हिंसा और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
गृह मंत्री ने कहा कि मणिपुर में हिंसा का मुख्य कारण एक जाति को आरक्षण देने का कोर्ट का आदेश था जिसे अगले ही दिन रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार वहां जल्द से जल्द शांति बहाल करना चाहती है और दोनों समुदायों के बीच बातचीत कराने के लिए तैयार है।
कांग्रेस की मांग और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मणिपुर हिंसा पर जांच और एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इतनी हिंसा के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी तक मणिपुर का दौरा नहीं किया है। उन्होंने बीजेपी सरकार को पूरी तरह विफल बताया।